कम्पनी और कफ़ील नहीं देता है सेलरी फ़ौरन करो काम नहीं बख्शा जाएगा

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अगर आप सऊदी अरब में रहते है और आप वंहा काम करते है लेकिन बहुत सी बार ऐसा होता है की आपका मालिक आपको परेशान करता है या वो आपको आपकी नौकरी नहीं देता या फिर वो आपके साथ विवाद करता है।

आपको पूरा हक़ है की आप उसके खिलाफ केस कर सकते है सऊदी लेबर कोर्ट में जाकर , इस आर्टिकल में हम आपको स्टेप बय स्टेप बताएँगे के आप कैसे शिकायत दर्ज कराये लेबर ऑफीस में जाकर , आप इसे पूरा पढ़े।

ज्यादा तर केसेस में क्या होता है , जो लेबर केसेस होते है सऊदी लेबर कोर्ट्स में वो कुछ ऐसी वजाओ की वजह से होते है।

*जो एक मजदूर को सेवा दी जाती है , उसका ख़तम करना।
*ज्यादा काम लेना जो आर्टिकल 77 में सऊदी अरब के लेबर कानून के खिलाफ है।
*तनख्वाह का रोकना

तनख्वाह का रोकना
सऊदी अरब के कानून में आर्टिकल 88 के मुताबिक , अगर कोई मालिक किसी कामगार की तनख्वाह देने में बाधा डालता है तो उसके खिलाफ मुकदमा हो जाता है।

सऊदी अरब के लेबर कोर्ट में केस कैसे करे ?

-मिल जुल के निपटाने वाला विभाग

अगर मालिक जो वक़्त निर्धारित किया था उस वक़्त आपको भुक्तान नहीं देता है तो आपको एक ऑनलाइन शिकायत लिखनी पड़ेगी सऊदी लेबर कोर्ट में और वह भी ऑनलाइन।

1 – आपको फॉर्म भरते समय यह सुनिशचित करलेना होगा की जंहा आपको कोर्ट में सहूलियत हो , जिस शहर में जाने में आसानी हो।
2 – अगर आपका मालिक मिल जुल के सहमत हो जाता है ,तो आपका केस ख़तम कर दिया जाएगा और आपके पास एक समझौता लेटर आएगा।


3 -अगर समझौता नहीं होता है , तो आपका केस लेबर कोर्ट में भेज दिया जाएगा।

कोर्ट की पहली सुनवाई में :
इस कदम में , आपकी शिकायत दर्ज हो चुकी होगी लेबर ऑफिस में , सबसे पहला क़दम आपका यह होगा।

इस क़दम में वक़्त की कोई सीमा नहीं होगी ,अगर यह मुकदमा पहली सुनवाई में ख़तम हो जाता है या मामले की जाँच के अनुसार और इसके अनुसार प्राप्त किए गए व्यवसायों को पूरा करने के रूप में कभी-कभी वक़्त लग जाता है।

कई सुनवाईओ के बाद और इसके बाद , जो फैसला होगा वो लेबर कोर्ट के जरिये लिए जाएगा।

लेबर कोर्ट के फैसले के बाद यह केस ऊपरी अदालत में भेजा जाता है जंहा दोनों पार्टीज को एक दुसरे पर मुक़दमा करने की इजाज़त होती है,और फिर इनका मुक़दमा ऊपरी अदालत में चलता है और यंहा 30 दिन के अंदर अंदर फैसला आ जाता है। आपको कभी -कभी थोड़ा इंतजार भी करना पड़ सकता है।

अगर कोर्ट के फैसले के मुताबिक भुक्तान नहीं होता है , तो आपको अपने केस की फाइल के साथ सऊदी अरब के एनफोर्समेंट या इम्प्लीमेंटेशन कोर्ट्स में जाना होगा।

आपको अपने केस के सभी कागज़ अपलोड करने होंगे और अपने बैंक का IBAN नंबर।

अगर कंपनी भुक्तान देने में फ़ैल हो जाती है जो भुक्तान फैसले में कोर्ट की और से लिखा गया था तो एनफोर्समेंट कोर्ट सख्त कदम लेता है।

1 – कोर्ट मालिक को एक नोटिस भेजता है भुक्तान अदा करने के लिए।
2 -कोर्ट इस नोटिस को अख़बार में निकलवाता है की यह मालिक की जिम्मेदारी हे की वो अपने मजूर को भुक्तान करे।
3 -मालिक के लिए लेबर ऑफिस से सभी सेवाएं बंद कर दी जाती है जैसे स्टाफ का इकामा RENEW नहीं होता आदि।


4 – मालिक के बैंक अकाउंट का सभी लेन देन बंद कर दिया जाता है।
5 -मालिक की सम्पतत्ति को जब्त कर लिया जाता है और उसे बेच कर मजदूर को उसका भुक्तान किया जाता है।

लेबर कोर्ट में केस फाइल करने के बाद , आपको अपना अकाउंट चेक करते रहना है क्यूंकि कभी भी कोई भी नया मैसेज आ सकता है मिनिस्ट्री ऑफ़ जस्टिस से।

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