किंग सलमान का धमाकेदार एलान सबका दिल खुश कर दिया

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सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से कहा की हमारा इ-ज-रा-इ-ल के साथ कुछ भी सामान्यीकरण नहीं होगा जब तक फलीस्तीनियो को एक राजजीये का दर्जा नहीं दिया जाता। यह बात सऊदी के किंग सलमान ने डोनाल्ड ट्रम्प को एक फ़ोन के ज़रिये G 20 के बारे में बात करते वक़्त कही।

आपको बता दे पिछले महीने अमेरिका ने एक ऐतिहासिक काम किया था उसने संयुक्त अरब एमिरात और इ-ज-रा-इ-ल के बीच सब कुछ सामान्य कराया था , संयुक्त अरब अमीरात अरब मुल्को में ऐसा मुल्क बन गया जिसने इ-ज-रा-इ-ल के साथ सब कुछ सामान्य किया।

और आप को बता दे संयुक्त अरब एमिरात जॉर्डन और मिस्र के बाद तीसरा अरब मुल्क है जिसने इ-ज-रा-इ-ल के साथ समझौता किया है।

किंग सलमान ने डोनाल्ड ट्रम्प से कहा की हम अमेरिका के पर्यासो की सराहना करते है जो उसने शांति का समर्थन किया और सऊदी अरबिया यह शांति देखना चाहता है और सऊदी अरबिया फलीस्तीन में हमेशा के लिए सुकून देखना चाहता है।

किंग सलमान ने कहा जो की 2002 में सऊदी अरब द्वारा प्रस्तावित अरब शांति पहल का मुखिये बिंदु था। प्रस्ताव के मुताबिक , अरब मुल्को ने 1967 के “मिडिल ईस्ट वॉर ” में कब्ज़ा किये गयी जंघों से फलीस्तीनियों और पूर्ण इ-ज-रा-इ-ल वापसी के साथ एक राजकीय समझौते के बदले में समन्ययकृत सम्बन्धो की पेशकश की है।

सऊदी अरब की हुकूमत ने इ-ज-रा-इ-ल और अरबो के बीच शांति का समापन करने के लिए एक क़ीमत मुकर्रर की है ,जो येरूसूलम को दारुलहकूमत के तौर पर खुद मुख़्तार फलस्तीनी रियासत की तश्कील है जो शाह अब्दुल्लाह मरहूम की पहल के ज़रिये किया गया था।

सऊदी अरब , इस्लाम की पैदाइश की जंघे और इस्लाम के सबसे मुक़द्दस मुक़ामात का मुकाम है , सऊदी अरब इ-ज-रा-इ-ल को तस्लीम नहीं करता।


किंग सलमान का फ़रमान उन लोगों के मुँह पर तमाचा है जो लोग सुबह शाम साऊदी अरब को यहूदी बोलते रहते है जबकि ईरान और तुर्की जैसे मुल्क़ों के सम्बंध इज़राइल के साथ काफ़ी बेहतर है जो UAE पर भोंक रहे थे इन बातों से दोनो मुल्क़ों की मुनाफ़िकत सामने आ जाती है।

 

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