वीज़ा का बड़ा बदलाव भारतीयों के सामने एक और बड़ी मुश्किल

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ट्रम्प प्रशासन ने भारतीयों को बड़ा झटका देते हुए मंगल के रोज़ कहा की जो भी विदेश से आने वाले स्किल कामगारों को जारी वीज़ा की वैधता को सिमित करने के लिए एक योजना बनाने का ऐलान किया , अधिकारियो ने कहा की को-रो-ना म-हा-मा-री की वजह से नौकरियों में जो नुक-सान हुआ है उसको धयान में रखते हुए यह कदम लिया गया है।

आपको बता दे भारतीय नागरिको के बीच H1B वीज़ा काफी पसंदीदा है , और यह वीज़ा खासतौर पर जो IT में काम करने वाले लोग है उनके लिए ज्यादा फायदेमंद है , ऐसे में यह देखते हुए भारतीयों को यह एक बड़ा झटका है।

अमेरिका के “डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी एंड डिपार्टमेंट ऑफ़ लेबर के अधिकारियो ने कहा की इस विजे को कौन ले सकता है और उन्हें कितना भुक्तान करना होगा , इस के लिए नए नियम जल्दी ही जारी किये जाएंगे , जिससे H -1B प्रोग्राम के इस्तेमाल पर एक सीमा तये की जाएगी।

दरअसल जुलाई में अस्थायी रूप से निलंबित करने का आदेश जारी किया गया था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस साल के आखिर तक H -1B प्रोग्राम को अस्थायी तौर पर इसे बंद करने का आदेश जारी किया था।

Cuccinelli और लेबर के डिप्टी सेक्रेटरी Patrick Pizzella ने कहा की प्रोग्राम का कंपनियों ने अमेरिकी कर्मचारियों की जँघा विदेश से आये कम खर्चे लेने वाले कर्मचारियों को रखने का गलत इस्तेमाल किया है।

Pizzella ने यह भी कहा की अमेरिकी कर्मचारियों को अच्छी सेलेरी वाली मिडल क्लास नौकरियों से बहार रखकर उनकी जंगा गैर अमेरिकी कर्मचारियों को रखा जा रहा है , जिससे कुछ मामलो में वेतन भी कम होता जा रहा है ।

जो बहुत ही गलत है। H -1B प्रोग्राम को राष्ट्रपति जॉर्ज HW बुश के दौर में बनाया गया था , जिसका मक़सद सिर्फ कंपनियो में विशेष नौकरियों को भरना था , क्यूंकि IT सेक्टर में बढ़ोतरी की भी शुरुआत हो चुकी थी। और इसमें काबिल कर्मियों को ढूंढ़ना मुश्किल था , बहुत सी कमापनियों ने तो इस पर भी जोर दिया की उन्हें अभी मुख्खिये पदों को भरना जरूरी है।

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