सुलैमान अल रजही जिन्होंने दान किये 60 हजार मिलियम सऊदी रियाल , जाने उनकी पूरी उम्र की कहानी

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आज हम आपको बताएंगे एक ऐसे आदमी की कहानी जिसने 60 हजार मिलियन डॉलर दान किये , उसकी ज़िन्दगी बहुत ही मुश्किल भरी रही है , चलिए बताते है। सुलैमान अल रजही जिनकी पैदाइश सऊदी अरब के कासिम शहर में हुई। अब बिना देरी किये हम उनकी कहानी शुरू करते है, सुलैमान अल रजही की जिंदगी बहुत ही मुश्किलों से भरी रही है उन्होंने कदम – लदम पर मुश्किलों का सामना किया है। आज बहुत से नौजवान कारोबारी उनकी जिंदगी से सेहतरे है की उन्होंने कैसे मुश्किलों का सामना कर सऊदी अरब में एक इतना बड़ा साम्राज्य खड़ा किया।

सुलैमान अल रजही ने 12 साल की उम्र में मजदूरी करना शुरू कर दिया था उन्होंने सबसे पहले एक खजूर के बाघ में पेड़ो के नीचे से खजूरों को इकट्ठा करने की मजदूरी शुरू की उस दौरान उन्हें इस काम के सिर्फ 6 सऊदी रियाल हर महीने में मिलते में वो उन्ही में अपना गुजारा किया करते थे। वह वंही उसी बाग नीचे जमीन पर सोया करते थे और उनके पास पहनने के लिए कपडे न होने की वजह से वो एक ही जोड़ी कपड़ो की पहना करते थे।

बाद में उन्होंने रियाध शहर में एक होटल में खाना बनाने का काम भी किया और फिर इसके बाद उन्होंने केरोसिन तेल को बेचने का होलसेल में काम किया। उन्होंने सऊदी अरब की एक कांट्रेक्टिंग कंपनी में वेटर का काम भी किया जिसमे उन्हें 60 सऊदी रियाल हर महीना मिला करती थी। उन्होंने अपनी एक किराने की दूकान शुरू की लेकिन शादी के खर्च की वजह से उन्होंने उसे भी बेच दिया जसकी वजह से उनके पास कोई भी काम नहीं रहा।

बाद में सुलैमान अल रजही ने अपने भाई के साथ एक कारोबार शुरू किया , आपको बता दे असल में उनकी जिंदगी 1970 में शुरू हुई जब उन्होंने अपने भाई के साथ मिलकर एक कारोबार शुरू किया फिर अपने भाई के साथ काम करने के बाद उन्होंने अपना खुद की एक करेंसी एक्सचेंज कंपनी खोली।

उन्होंने अपना करियर शुरू किया और खुद को एक जवान कारोबारी के तौर पर बाजार में उतारा , उस वक़्त अरब मुल्को में नया कारोबार शुरू करना बहुत ही मुश्किल टास्क माना जाता था। लेकिन वो अपने इस कारोबार में कामयाब हुए ,उनका यह करेंसी एक्सचेंज का कारोबार पूरे सऊदी अरब में फ़ैल गया और उन्होंने पूरे सऊदी अरब में 30 शाखाये खोली। उन्होंने अपने इस करेंसी एक्सचेंज के कारोबार को सऊदी अरब के अलावा बहार के अरब देशो में भी फैलाया जैसे मिस्र और लेबनान।

वह अल रजही बैंक के संस्थापक है और वो दुनिया के अमीर लोगो की लिस्ट में आते है।अमेरिका की फोर्बेस मैगज़ीन के मुताबिक सुलैमान अल रजही की पूरी दौलत 2011 में 7 बिलियन अमेरिकी डॉलर बताई गयी थी। उन्होंने उसके बाद 16 बिलियन अमेरिकी डॉलर दान किये थे।

सुलैमान अल रजही से एक इंटरव्यू के दौरान सवाल पूछा गया , की आपने अपनी आधी संपत्ति अपने परिवार को दे दी है और आधी संपत्ति आपने तकसीम कर दी है। तो आपने अपने खर्चे के लिए क्या रखा है ? घर ? फार्म ? सैलरी ?

उन्होंने खूबसूरत अंदाज में जवाब की ” हकीकत में कुछ भी नहीं ” जब में 18 साल का था , तब मुझे कितनीं चीजों की जरूरत थी। मुझे बिल पाय करने की जरूरत थी, अच्छे खाने की ,मेडिकल की और ट्रांसपोर्टेशन की , उस वक़्त मेने कम से कम करने की कोशिश की और मेने सब कुछ कवर्ड किया।

उन्होंने अपने कामयाबी का एक सीक्रेट बताया की उन्होंने अपनी अपनी हर मेहनत की कमाई को रखा अगले दिन के लिए और यह ही मेरा सीक्रेट है , और उसे अपने अच्छे मुस्तक़बिल को बनाने के लिए रखा और अल्हम्दुलिल्लाह वो आज बना भी।

 

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